Kaal Sarp Dosh Puja Ujjain Booking

क्या आप अपने जीवन में बार-बार आ रही परेशानियों, रुकावटों और दुर्भाग्य से परेशान हैं? हो सकता है इसका कारण ‘काल सर्प दोष’ हो। उज्जैन में काल सर्प दोष पूजा करवाकर आप इस दोष से मुक्ति पा सकते हैं। हमारी सेवा आपको उज्जैन के अनुभवी और योग्य पंडितों से जोड़ती है, जो पूर्ण वेद विधि से पूजा कराते हैं।

कालसर्प दोष क्या है? (What is Kaal Sarp Dosh?)

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कालसर्प दोष एक ऐसी स्थिति है जब जातक की जन्म कुंडली में सभी सात मुख्य ग्रह (सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि) राहु और केतु के अक्ष के भीतर आ जाते हैं। राहु को सर्प का मुख और केतु को उसकी पूंछ माना जाता है। जब अन्य सभी ग्रह इन दोनों के बीच ‘कैद’ हो जाते हैं, तो जातक के जीवन में संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होती है

यह दोष व्यक्ति के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसके कारण जातक को निरंतर मानसिक अशांति, करियर में अप्रत्याशित बाधाएं, स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं और पारिवारिक कलह का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, ज्योतिष शास्त्र में इस दोष के निवारण के लिए प्रभावी उपाय भी बताए गए हैं, जिनमें उज्जैन में की जाने वाली शांति पूजा सर्वोपरि है।

Kaal Sarp Dosh Puja Ujjain

उज्जैन ही क्यों है कालसर्प दोष पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान? (Why Ujjain for Kaal Sarp Dosh Nivaran?)

उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा को सबसे उपयुक्त स्थान मानने के पीछे कई ठोस धार्मिक और वैज्ञानिक कारण हैं।
  1. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग: भगवान शिव ‘काल के भी काल’ (महाकाल) हैं। उनकी उपस्थिति इस स्थान को किसी भी प्रकार के ‘काल’ (समय/मृत्यु) संबंधी दोषों के निवारण के लिए अत्यंत शक्तिशाली बनाती है। महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में की गई पूजा का विशेष महत्व है।
  2. सिद्धवट: उज्जैन मे क्षिप्रा नदी के घाट पर स्थित सिध्द्धेश्वर मंदिर कालसर्प पूजा के लिए प्रसिद्ध स्थान है। 
  3. शिप्रा नदी: मोक्षदायिनी शिप्रा नदी उज्जैन के तट पर किए गए अनुष्ठान विशेष फलदायी माने जाते हैं, जो पूजा की पवित्रता को और बढ़ा देते हैं।

कालसर्प दोष के 12 प्रमुख प्रकार (12 Types of Kaal Sarp Dosh)

जातक की कुंडली में राहु और केतु की स्थिति के आधार पर कालसर्प दोष को 12 श्रेणियों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक प्रकार का प्रभाव और उसकी शांति की विधि विशिष्ट होती है। नीचे दी गई तालिका में इन 12 प्रकारों का विवरण दिया गया है:
दोष का नामराहु की स्थितिकेतु की स्थितिमुख्य प्रभाव
अनंत कालसर्पप्रथम भावसप्तम भावमानसिक तनाव और वैवाहिक समस्याएं
कुलिक कालसर्पद्वितीय भावअष्टम भावआर्थिक हानि और स्वास्थ्य कष्ट
वासुकि कालसर्पतृतीय भावनवम भावभाई-बहनों से विवाद और भाग्य में कमी
शंखपाल कालसर्पचतुर्थ भावदशम भावपारिवारिक सुख में कमी और कार्यक्षेत्र में बाधा
पद्म कालसर्पपंचम भावएकादश भावसंतान संबंधी चिंता और शिक्षा में रुकावट
महापद्म कालसर्पषष्ठ भावद्वादश भावशत्रुओं का भय और कानूनी उलझनें
तक्षक कालसर्पसप्तम भावप्रथम भावव्यापार में हानि और व्यक्तित्व में अस्थिरता
कर्कोटक कालसर्पअष्टम भावद्वितीय भावदुर्घटना का भय और पैतृक संपत्ति में विवाद
शंखचूड़ कालसर्पनवम भावतृतीय भावधर्म के प्रति अरुचि और सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी
घातक कालसर्पदशम भावचतुर्थ भावपिता से अनबन और नौकरी में अस्थिरता
विषधर कालसर्पएकादश भावपंचम भावलाभ में कमी और स्मरण शक्ति का ह्रास
शेषनाग कालसर्पद्वादश भावषष्ठ भावअत्यधिक व्यय और गुप्त शत्रुओं का भय

कालसर्प दोष पूजा की शास्त्रीय विधि (Kaal Sarp Dosh Puja Vidhi)

उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा पूरी तरह से वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न की जाती है। इस अनुष्ठान में अनुभवी विद्वान पंडितों का मार्गदर्शन अनिवार्य होता है। पूजा की मुख्य प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में विभाजित है:

सर्वप्रथम, यजमान द्वारा संकल्प लिया जाता है, जिसमें वह अपने नाम, गोत्र और कुल का उच्चारण करते हुए दोष निवारण की प्रार्थना करता है। इसके पश्चात, विघ्नहर्ता भगवान गणेश और माता गौरी का पूजन किया जाता है। मुख्य अनुष्ठान में राहु केतु शांति के लिए उनके बीज मंत्रों का जाप किया जाता है ताकि उनकी नकारात्मक ऊर्जा को शांत किया जा सके। [1]

पूजा के दौरान चांदी के नाग-नागिन के जोड़े का पूजन विशेष महत्व रखता है। इसके बाद भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया जाता है, जिसमें दूध, दही, शहद और गंगाजल जैसी पवित्र वस्तुओं का उपयोग होता है। अंत में, पूर्णाहूति के बाद नाग-नागिन के जोड़े को शिप्रा नदी में विसर्जित किया जाता है या मंदिर में दान कर दिया जाता है।

उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा की लागत (Kaal Sarp Dosh Puja Cost in Ujjain)

उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा की लागत विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है, जैसे पंडित जी का अनुभव, पूजा सामग्री की गुणवत्ता और अनुष्ठान की अवधि। सामान्यतः, पूजा की लागत ₹2,500 से ₹12,000 या उससे अधिक तक हो सकती है।

  • सामान्य पूजा: ₹2,500 से ₹5,500 तक (बुनियादी अनुष्ठान)
  • राहु-केतु जाप के साथ: ₹6,000 से ₹12,000 तक (विस्तृत अनुष्ठान)
  • विशेष अनुष्ठान: ₹12,000 से ₹30,000 तक (कुंडली के अनुसार विशेष जाप और हवन)

यह सलाह दी जाती है कि आप पूजा बुक करने से पहले उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ पंडित से संपर्क करके सटीक लागत और आवश्यक सामग्री के बारे में जानकारी प्राप्त कर लें।

2026 मे पूजा के लिए सबसे अच्छा दिन (Best Day for Kaal Sarp Dosh Puja in 2026)

द्यपि उज्जैन में यह पूजा साल भर की जा सकती है, लेकिन कुछ विशेष तिथियों पर इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। नाग पंचमी को इस पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन माना जाता है। इसके अलावा, प्रत्येक माह की अमावस्या (विशेषकर सोमवती अमावस्या), महाशिवरात्रि, और सूर्य या चंद्र ग्रहण के दौरान यह अनुष्ठान करना अत्यंत फलदायी होता है।

महीनातिथिदिनपर्व/विशेषता
जनवरी18 जनवरीरविवारमौनी अमावस्या
फरवरी15 फरवरीरविवारमहाशिवरात्रि (अत्यंत शुभ)
फरवरी17 फरवरीमंगलवारफाल्गुन अमावस्या
मार्च19 मार्चगुरुवारचैत्र अमावस्या
अप्रैल17 अप्रैलशुक्रवारवैशाख अमावस्या
मई16 मईशनिवारशनिश्चरी अमावस्या (शनि जयंती)
जून15 जूनसोमवारसोमवती अमावस्या (अधिक मास)
जुलाई14 जुलाईमंगलवारआषाढ़ अमावस्या
अगस्त (श्रावण)03 अगस्तसोमवारपहला सावन सोमवार
अगस्त (श्रावण)10 अगस्तसोमवारदूसरा सावन सोमवार
अगस्त12 अगस्तबुधवारहरियाली अमावस्या
अगस्त (श्रावण)17 अगस्तसोमवारनाग पंचमी + तीसरा सावन सोमवार (सर्वोत्तम दिन)
अगस्त (श्रावण)24 अगस्तसोमवारचौथा सावन सोमवार
सितंबर11 सितंबरशुक्रवारभाद्रपद अमावस्या
अक्टूबर10 अक्टूबरशनिवारमहालया अमावस्या (पितृ पक्ष समाप्ति)
नवंबर09 नवंबरसोमवारसोमवती अमावस्या (दीपावली)
दिसंबर08 दिसंबरमंगलवारमार्गशीर्ष अमावस्या

कालसर्प दोष पूजा के लाभ (Kaal Sarp Dosh Puja Benefits)

विधि-विधान से कालसर्प दोष निवारण उज्जैन में कराने के बाद जातक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं।

  • मानसिक शांति: मन से अज्ञात भय और तनाव दूर होता है, जिससे मानसिक स्थिरता आती है।
  • करियर में उन्नति: नौकरी और व्यवसाय में आ रही निरंतर बाधाएं दूर होने लगती हैं, जिससे आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
  • पारिवारिक सुख: परिवार में चल रहे लंबे समय के विवाद सुलझने लगते हैं और आपसी प्रेम बढ़ता है।
  • स्वास्थ्य लाभ: पुरानी बीमारियों से राहत मिलती है और जातक की जीवनी शक्ति (Vital Energy) में वृद्धि होती है।

कालसर्प दोष जीवन में संघर्ष अवश्य लाता है, लेकिन उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा के माध्यम से इस दोष का प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो सकता है। महाकाल की कृपा और वैदिक मंत्रों की शक्ति से आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो सकते हैं। यह अनुष्ठान न केवल ग्रहों की प्रतिकूलता को दूर करता है, बल्कि जातक को आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति की ओर भी ले जाता है।

हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आप पूजा के लिए उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ पंडित से ही संपर्क करें ताकि अनुष्ठान पूरी शुद्धता और विधि-विधान के साथ संपन्न हो सके।

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यदि आप भी कालसर्प दोष से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान चाहते हैं तो आज ही हमसे संपर्क करें। हम आपको उज्जैन के सर्वश्रेष्ठ पंडितों से जोड़ेंगे और पूजा की सम्पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। उज्जैन मे कालसर्प दोष पूजा की पूरी जानकारी व बुकिंग के लिए अभी संपर्क करे।

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